रविवार, 1 जनवरी 2012

गणितीय हिसाब


             
ज़िंदगी हिसाब किताब से भरी है. हर पल कुछ जोड़ना,घटाना,गुणा और भाग करना पड़ता है.
सबसे पहले मैंने सेकेंड को जोड़कर मिनट, मिनट से घंटा,फिर दिन फिर सप्ताह,महीने और
इसी तरह साल तक का सफर तय किया.इस के देखा तो पाया मैं हर पल अनुभव जोड़ रहा
था.यहां जो बात कर रहा हूं वो भी अपने तुच्छ अनुभव का छोटा सा नमूना है. मेरा उद्देश्य
बस इतना है कि आप का ध्यान उन आंकड़ों की तरफ भी ले जाऊं.....जहां जाना जरूरी है.
 आंकड़ों का सबसे तगड़ा खेल लोकसभा चुनावों के बाद देखने को मिलता है.सबसे पहले तो
बहुमतबनाने के लिए जोड़तोड़ करना पड़ता है उसके बाद पाँचसाल लक्ष्य होता है....और इस बीच जो
एक चीज सबसे ज्यादा की जाती है-घोषणाएं. हां,यहां कोई हिसाब किताब नहीं होता.बात राजनीतिक
गलियारे की चल रही है तो लगे हाथ कुछ विभूतियों को शुक्रिया भी कह दूं जिनकी बदौलत ऐसे आंकड़ों को देखा पढ़ा और सुना जिसके लिए मुंह से बस बाप रे निकलता है...(हांलांकि इनके निजी जीवन
या राजनीतिक कैरियर से मुझे कुछ लेना देना नहीं है).माननीय ए.राजा, कलमाड़ी जी और श्री मधु कोड़ा
का सहृदय धन्यवाद....जिनकी बदौलत ये जाना कि एक लाख छिहत्तर हजार करोड़, और चार हजार करोड़
 जैसे आंकड़े भी होते हैं..
खुश है जमाना आज पहली तारीख है, मीठा है खाना आज पहली तारीख है.. यहां भी तारीख में आंकड़ों
का बदलाव है. खुश होने की चाहे जो वजह हो दुनिया के पास....मुझे फिक्र उनकी है जिनके लिए पहली
या आखरी तारीख का एक सा ही महत्व है...उन्हे हर दिन उसी एक रोटी के लिए जद्दोजहद करना पड़ता
है...मीठा तो शायद ख्वाब में भी नहीं मिलता...
आंकड़ों की उठापटक देखनी हो तो भला शेयर बाजार के सूचकांक(सेंसेक्स) से अच्छी जगह और क्या हो
सकती है...बचपन से दो ही चीज सुनना नसीब हुआ..पहला सूचकांक रिकार्ड ऊंचाई पर...सोना चांदी मजबूत
हांलांकि कुछ दिनों सालों से महंगाई उस गधे की तरह भाग रही है जिसकी दुम में किसी ने पटाखा लगा
दिया हो..एक और आंकड़ा जो चर्चा में है वो है रुपए का डॉलर के मुकाबले मूल्य...जो पारे की तरह ऊपर
नीचे जा रहा है...एक और आंकड़ा है जो लोगों का ध्यान खींच रहा है....तापमान...ये आंकड़ा भी शून्य से
कुछ कदम आगे और पीछे का खेल खेल रहा है....
खैर मेरे लिए तो सबसे खुशी की बात है कि मैंने अपने ब्लॉग के आंकड़े को शून्य से एक किया..... ये
यात्रा है आपकी दुआओं से चलती रहे........

2 टिप्‍पणियां:

  1. phla lekh kafi achcha....ummeed hai age aur umda aur gyanvardhak lekh padhne ko milenge....
    naye blog ke liye bdhaiyan........

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  2. धन्यवाद काके...समर्थन और उत्साहवर्धन के लिए

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